नव वर्ष पर महाकालेश्वर के दरबार में बदल जाएगी दर्शन व्यवस्था, भस्म आरती को लेकर क्या है नियम?

उज्जैन

भगवान महाकाल के दरबार में साल के अंतिम दिनों और नव वर्ष के पहले व दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है. इसके अलावा भस्म आरती को भी चलायमान किया जाएगा,  ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल का आशीर्वाद ले सके.

25 दिसंबर से 2 जनवरी तक महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं में परिवर्तन किया गया है. उज्जैन कलेक्टर और महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह के मुताबिक श्रद्धालुओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. महाकालेश्वर मंदिर में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की गई है. हालांकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए मंदिर समिति द्वारा कुछ नियम बदले गए हैं.

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भस्म आरती में होंगे चलायमान दर्शन
महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती विश्व भर के शिव भक्तों का आकर्षण का केंद्र रहती है. महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रवेश लेना चाहते हैं मगर सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा सकता है. इसी के चलते-चलायमान भस्म आरती व्यवस्था भी लागू रहेगी. 25 दिसंबर से नए साल के पहले सप्ताह तक बिना अनुमति दर्शन करने आने वाले भक्तों को भस्म आरती में भी चलायमान दर्शन होंगे.

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चार धाम मंदिर से रहेगी दर्शन व्यवस्था
महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि दर्शन आरती चार धाम मंदिर से कतारबद्ध होते हुए महाकाल लोक, मानसरोवर, फैसिलिटी सेंटर से टनल परिसर में पहुंचकर कार्तिक और गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे. इसी प्रकार वीआईपी पुरानी व्यवस्था के तहत नीलकंठ द्वारा से प्रवेश कर शंख द्वार के जरिए अंदर प्रवेश करेंगे.

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